New Land Law 2025: हाल ही में भारत सरकार ने संपत्ति से संबंधित कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य प्रॉपर्टी बंटवारे और अवैध कब्जों से संबंधित समस्याओं का समाधान करना है। नए कानूनों के तहत बेटियों को संपत्ति में हिस्सा देना अनिवार्य कर दिया गया है और कुछ स्थितियों में बेटों का अधिकार भी समाप्त किया जा सकता है। इसके अलावा भाइयों और बहनों के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर भी ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।
अवैध कब्जा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
सरकार ने अवैध कब्जे को लेकर सख्त कानून लागू किए हैं। यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से संपत्ति पर कब्जा करता है और दोषी पाया जाता है तो उसे 10 साल तक की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। पहले इस मामले में कोई सजा का प्रावधान नहीं था लेकिन अब इसे जोड़ दिया गया है। इससे अवैध कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
भाई-बहनों के संपत्ति बंटवारे पर नए नियम
भाई-बहनों के बीच संपत्ति के बंटवारे के लिए नए नियम भी लागू किए गए हैं। अब यदि किसी भाई या बहन को अपनी हिस्सेदारी अलग करवानी है तो अन्य सदस्यों की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी। यदि आपसी सहमति से बंटवारा नहीं हो पाता है तो सहायक कलेक्टर और तहसीलदार इस मामले को सुलझाने के लिए आगे बढ़ेंगे।
माता-पिता को दी गई कानूनी सुरक्षा
माता-पिता के अधिकारों को भी ध्यान में रखा गया है। नए नियमों के अनुसार, माता-पिता अब अपने बच्चों से संपत्ति वापस ले सकते हैं यदि बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत माता-पिता की संपत्ति पर अधिकार रखने वाले बच्चों को उनके लापरवाह व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है।
बेटियों को संपत्ति में मिलेगा बराबर का अधिकार
बेटियों के संपत्ति में अधिकार को लेकर भी महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं। माता-पिता की संपत्ति में बेटियों का जन्मजात अधिकार होता है चाहे वे विवाहित हों या अविवाहित। यदि माता-पिता की मृत्यु हो जाती है या वसीयत में संपत्ति केवल बेटे के नाम कर दी जाती है तो भी बेटियों को उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है। हालांकि, तलाकशुदा बेटियों के मामले में उनके अधिकारों को समाप्त किया जा सकता है।